सुप्रभात! द्वापर युग में श्रीकृष्ण ने कहा था- “भाग्य की फसल पुरुषार्थ की ज़मीन पर ही लहलहाती है।” कलयुग में गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी दोहराया- “सकल पदारथ है जग माहीं; करम हीन नर पावत नाहीं ।” और आधुनिक युग में भी यही परम सत्य है कि सही दिशा में प्रयास किये बिना आप सफलताContinue reading “कर्मशील बनें (open the wings)”
