कैसे काबू पाएं मन पर?

मानव जाति ने तकनीकी दृष्टि से इतनी तरक्की कर ली है कि उसने लगभग हर चीज पर नियंत्रण पा लिया है या पाने की दिशा में अग्रसर है, लेकिन इस प्रक्रिया का दुःखद पहलू यह है कि इंसान अपने मनोमस्तिष्क पर काबू खोता जा रहा है।
अति महत्वाकांक्षा हो या मनोविकार, नकारात्मक सोच हो या निराशाजनक विचार, कुछ पाने की लालसा हो या किसी से कुछ छीन लेने का विचार, किसी का भला करने की भावना हो या नेस्त नाबूद कर देने का इरादा…हमारा मन और मस्तिष्क सदैव व्यस्त रहता है और इसकी वजह से व्यवहार, विचार और रिश्ते बुरी तरह से प्रभावित होते हैं।
हर कोई चाहता है कि मनोद्वेगों पर काबू पाया जाए ताकि इनके दुष्प्रभाव कम हो सकें, लेकिन योगियों-तपस्वियों के अतिरिक्त किसी को इस कार्य में सहज सफलता नहीं मिल पाती।
मैंने अपने अध्ययन और अनुभव के आधार पर कुछ उपाय खोजे हैं जिनकी सहायता से हम अपने मनोमस्तिष्क पर कुछ हद तक काबू पा सकते हैं:-

  1. अपने विचारों के प्रति सतर्क रहिये। उन पर नज़र रखने का अभ्यास कीजिये।
  2. नकारात्मकता का कारण खोजिए। कोई भी नकारात्मक विचार बिना किसी ठोस कारण के उत्पन्न नहीं होता। उस कारण को पहचानने का प्रयास कीजिये।
  3. भय से दूर रहिये। भय सदैव अकारण होता है, वस्तुतः यह अतार्किक अवस्था है, तर्क के माध्यम से इस पर विजय पाई जा सकती है।
  4. अवांछित विचारों को नष्ट करके उनके स्थान पर अच्छे विचारों को प्रतिरोपित करने का अभ्यास हमार मस्तिष्क को स्वच्छ बनाता है। यह वैसा ही है जैसे हम अपने मोबाइल या कंप्यूटर की मेमोरी क्लीन करते हैं ताकि काम की चीजें सेव कर सकें।
  5. सत्य का सामना कीजिये, काल्पनिक किले से बाहर निकलिए।
  6. वर्तमान पल की महत्ता को समझिए और इसको जीने की कला सीखिए। गुजर हुआ पल वापस नहीं आता और आने वाला पल कैसा होगा इसका किसीको ज्ञान नहीं है। इसलिए मौजूद पल में वो कीजिये जो करना आपके लिए उचित है।
  7. याद रखिये, समय और ईश्वर सदैव हमें एकाधिक विकल्प देते हैं। हमारा भावी क्या होगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम अभी कौन सा विकल्प चुनते हैं। ईश्वर ने हमें विवेक और बुद्धि इसीलिए दी है ताकि हमारा चयन श्रेष्ठ हो।
    ये और कुछ इसी तरह के अन्य अभ्यास यदि हम ईमानदारी से करते रहें तो निश्चय ही हम अपने मनोमस्तिष्क में उत्पन्न होने वाले विचारों को सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकते हैं और एक दिन अपने मनोभावों पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर सकते हैं।
    महाज्ञानी हनुमानजी हम सब की सहायता करें👍💐💐

Published by DR. TRILOK SHARMA

I have traveled a long way towards the final destination of life. Many times I took a wrong turn on the road and spend a lot of precious time to come back on main road. Many times, I helped & supported the people who did not deserve my attention, and unknowingly ignored the ones who cared for me. Through this site, I want to put some traffic signs on the route of life to help those who are willing not to make similar mistakes that I did.

Leave a comment