
सादर नमस्कार!
कभी सोचा है नदी और समुद्र हमें क्या सीख देते हैं??
नदी त्याग और समुद्र संचय का संदेश देता है। अब प्रश्न है- हम क्या त्यागें और क्या संचित करें?
उत्तर आसान है- लोभ व मोह का त्याग करें, ईर्ष्या का त्याग करें, घृणा का त्याग करें और प्रेम, सौहार्द्र, करुणा, दया का संचय करें। देखिए फिर जीवन कितना सरस और सुखद हो जाता है!
शुभ दिवस!!
