इंद्रियजीत बनें

सुप्रभात!!

विश्व के सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन गुरु श्रीकृष्ण के अनुसार यदि हमने अपने मन सहित समस्त इन्द्रियों को अपने वश में कर लिया तो हम स्वयं अपने सबसे बड़े हितैषी मित्र बन सकते हैं लेकिन इसके विपरीत यदि हम अपनी इन्द्रियों के वश में हो गए तो हमे किसी बाहरी शत्रु की आवश्यकता ही नही पड़ेगी क्योंकि ऐसी अवस्था मे हम से बड़ा हमारा कोई शत्रु हो ही नही सकता।

आइये, हम स्वयं अपने श्रेष्ठ मित्र बनने का प्रयास करें !!

ईश्वर हम सभी को इन्द्रीयजीत बनने की क्षमता प्रदान करें!