जैसी सोच, वैसा परिणाम

सुप्रभात! जब कभी भी किसी सभा या सेमीनार में मैं आकर्षण के नियम (लॉ ऑफ अट्रैक्शन) की बात करता हूँ तो वहां तुरंत दो समूह बन जाते हैं- पहला वो जो इसके बारे में अधिक जानना और समझना चाहता है और दूसरा वो जो इस तरह के किसी नियम के अस्तित्व को ही स्वीकार नहींContinue reading “जैसी सोच, वैसा परिणाम”